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उठान न होने से किसानों व आढ़तियों को भारी नुकसान, हल्की ओलावृष्टि के साथ छाया घना अंधेरा

तरावड़ी, 16 अक्तूबर (रोहित लामसर)। सोमवार की अलसुबह ही तरावड़ी में भी माैसम ने करवट ली। शहर में सुबह करीब 8 बजे जमकर बारिश हुई। बारिश के साथ-साथ करीब 11 बजे हल्की ओलावृष्टि भी हुई। इस बारिश से लाेगाें काे प्रचंड गर्मी से राहत तो जरूर मिली, लेकिन किसानों के अरमानों पर पानी भी फिर गया। तरावड़ी अनाज मंडी में प्रशासन की लापरवाही के कारण किसानों की फसल भीग गई। पुख्ता इंतजाम न होने के कारण किसानों का धान भीग गया है। खुले में रखें धान पर हल्की ओलावृष्टि हुई। इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ तथा उनके चेहरे पर मायूसी छाई। किसानों ने जिम्मेवार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। किसानों द्वारा कड़ी मेहनत से तैयार की गई धान की फसल पर बरसात की मार ने धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। किसानों द्वारा काट कर मंडी में लाई गई हजारों किवंटल धान की फसल वर्षा की भेंट चढ़ गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। तरावड़ी में अचानक हुई वर्षा से भीगी फसल को खराब होने से बचाने लिए किसानों को कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि इस बार-बार मौसम खराब होने से किसानों की खेतों में खड़ी धान की फसल बिछ गई है, जिससे धान की कटाई में मुश्किल होगी और खर्च भी ज्यादा आएगा, जो किसानों के लिए घाटे का सौदा साबित होगी। किसानों का कहना है कि तरावड़ी अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ा हजारों क्विंटल धान बारिश में भीग गया। जिससे आढ़तियों व किसानों को भारी नुकसान हुआ है।

किसान बोले :- मौसम विभाग ने दी थी चेतावनी, करना चाहिए था पुख्ता इंतजाम :- तरावड़ी अनाज मंडी में किसानों ने रोष जाहिर करते हुए कहा कि मौसम विभाग ने दो दिन पहले बरसात होने की चेतावनी दी थी। उसके बावजूद भी प्रशासन ने कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया। जिसकी वजह से हजारों क्विंटल धान की बोरियां व खुले में पड़ा किसानो धान भीग गया है। सरकार द्वारा भी खरीदे गए धान की बोरियां भी इस बरसात से लबालब हो गई हैं। बरसात होते ही किसानों ने अपने धान को तरपालों से ढकने की पूरी कोशिश की लेकिन इसके बावजूद भी तेज हवा चलने की वजह से वह अपनी फसल को भीगने से नहीं बचा पाए। तरावड़ी में सुबह करीब साढ़े-7 बजे घना अंधेरा हो गया। काली घटा के साथ तेज जमकर बरसात हुई और लगभग 11 बजे के बीच में बरीक बरीक ओले भी पडऩे शुरू हुए। इसके अलावा आसपास के गांव में भी भारी बरसात होने की वजह से फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि पोर्टल के चक्करों मे किसानों को भारी नुक्सान हो रहा। अगर पोर्टल ना होते तो किसान जल्दी जल्दी फसल काट कर मंडी मे डाल सकता और नुक्सान से बच सकता।

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ठंडी हवाओं के बाद बिगड़ा मौसम का मिजाज :- आसमान में सुबह पांच बजे तेज ठंडी हवाएं चली और कुछ देर बाद तेज बारिश होने लगी। अनाज मंडी सहित शहर में अन्य कई जगहों पर सुबह करीब 11 बजे हल्की ओलावृष्टि भी हुई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। उधर मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ा धान भीग गया। इससे किसानों व आढ़तियों को भारी नुकसान होने की संभावना है।

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