Fri. May 24th, 2024

चंडीगढ़, ब्यूरो। हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज अब जनता दरबार नहीं लगाएंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर के जन संवाद को लेकर किए गए नए फैसले के बाद विज जनता दरबार को लेकर पीछे हट गए हैं। हाल ही में सीएम ने चंडीगढ़ में हुई विधायक दल की मीटिंग में मुख्यमंत्री सत्तासीन विधायकों को मंत्री और सांसदों की तरह जनसंवाद करने की छूट दे चुके हैं। हालांकि सीएम ने इस छूट में एक शर्त लगाई है कि विधायक इन जनसंवादों को करने के लिए दूसरे जिले या विधानसभाओं को ही चुन पाएंगे। इस फैसले की भनक अनिल विज को भी लग गई थी, जिसके बाद उन्होंने जनता दरबार अब पूरी तरह से रोक लगाने का फैसला किया है।

कुछ विधायक भी हैं नाराज :- मुख्यमंत्री मनोहर लाल के द्वारा बुलाई गई हरियाणा भाजपा विधायक दल की मीटिंग से भी गृह मंत्री अनिल विज ने दूरी बना ली थी। इसकी भी यही वजह थी कि वह सीएम के इस फैसले को लेकर संतुष्ट नहीं थे। विज के साथ पार्टी के कुछ विधायक भी सीएम के इस फैसले को लेकर नाराज हैं। उनका कहना है कि चुनाव सिर पर हैं, ऐसे में वह दूसरी विधानसभा में जनसंवाद करके क्या कर लेंगे, जबकि चुनाव में वोट उन्हें अपनी ही विधानसभा के लोगों से मांगने हैं।

हर महीने दो बार करते थे सुनवाई :- अनिल विज द्वारा अंबाला में लगाए जाने वाले जनता दरबार का आयोजन महीने में 2 बार होता था। वह हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को जनता दरबार लगाते थे। इस दरबार में हरियाणा भर के लोग अपनी अपनी शिकायतों को लेकर पहुंचते थे। हर दरबार में 5 हजार से ज्यादा फरियादी पहुंचते थे। इनकी शिकायतों को सुनने के लिए विज रात एक बजे तक सुनवाई करते थे।

मार्च में भी बंद कर दिया था दरबार :- सीएम मनोहर लाल खट्टर ने मार्च 2023 में एक आदेश जारी किया था कि जिलों के डीसी, एसपी समेत फील्ड अधिकारी सुबह 11 बजे से लेकर 2 बजे तक लोगों की समस्याएं सुनेंगे। इसके बाद भी विज ने जनता दरबार लगाना बंद कर दिया था। उन्होंने इस दौरान कहा था कि ऐसा वह बहुत समय से चाहते थे और उनकी यह मंशा पूरी हो गई। यही वजह है कि अब वह हर शनिवार को जनता दरबार नहीं लगाएंगे। विज ने ये कहा है कि वह अपने हलके अंबाला के लोगों की समस्याओं का लगातार निदान करते रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *